केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से रोजगार सहायकों ने की मुलाकात

केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से रोजगार सहायकों ने की मुलाकात रोजगार सहायकों ने प्रशासनिक व्यय 6% से 9% किए जाने पर जताया आभार 6 से 9% किया गया रोजगार सहायकों का प्रशासनिक व्यय, वेतन में अब नहीं होगी दिक्कत­: श्री शिवराज सिंह चौहान स्टॉफ को समय पर वेतन न मिलना बड़ी चिंता थी, पहले वेतन का भुगतान फिर आवश्यक खर्च का प्रावधान: श्री शिवराज सिंह चौहान 100 के बजाए 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी, गांव के विकास का फैसला गांव ही करेगा: श्री शिवराज सिंह चौहान VB- G RAM G योजना को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाया गया, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच, विकास के काम जमीन पर दिखें: श्री शिवराज सिंह चौहान केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से सोमवार को भोपाल में अलग-अलग राज्यों के रोजगार सहायकों ने मुलाकात की और प्रशासनिक व्यय को 6% से बढ़ाकर 9% किए जाने पर आभार व्यक्त किया, केन्द्रीय मंत्री को धन्यवाद दिया। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, रोजगार सहायकों, पंचायत सचिवों और तकनीकी स्टाफ को समय पर वेतन न मिलना एक बड़ी चिंता थी, जिसे दूर करने के लिए प्रशासनिक व्यय बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, पहले प्रशासनिक व्यय 6 प्रतिशत था, जिसे अब बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है, यानी इसे डेढ़ गुना किया गया है। इसका सीधा लाभ ये होगा कि, कुल प्रस्तावित बजट 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये में से 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि कर्मचारियों के वेतन और प्रशासनिक जरूरतों के लिए सुरक्षित रहेगी। उन्होंने कहा कि यह राशि कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए पर्याप्त होगी और ये सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रशासनिक खर्च में किसी भी प्रकार का अपव्यय न हो। श्री शिवराज सिंह ने कहा कि, जीप-गाड़ी या अन्य अनावश्यक मदों में खर्च न हो, इस पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि, रोजगार सहायकों ने वेतन में देरी और भुगतान रोके जाने की समस्याएं सामने रखी गई थीं, जिसके बाद नियमों में ऐसा प्रावधान किया गया है कि पहले वेतन का भुगतान हो और उसके बाद अन्य आवश्यक खर्च किए जाएं। इसके लिए राज्यों के साथ समन्वय कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, मनरेगा के तहत अब 100 के बजाय 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी है। साथ ही, खेती के पीक सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारों को अधिकार दिया गया है कि वो कटाई-बुवाई के समय अधिकतम 60 दिन तक मजदूरों को कृषि कार्य में लगाने के लिए अधिसूचना जारी कर सकें, ताकि किसानों को भी श्रमिकों की कमी न झेलनी पड़े। श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, पुरानी कमियों को दूर कर VB- G RAM G योजना को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है। प्रशासनिक व्यय बढ़ाकर जमीनी स्तर पर काम कर रहे साथियों की परेशानियों को कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है। वहीं शिवराज सिंह ने रोजगार सहायकों से कहा कि, इस संदेश को सही तरीके से नीचे तक पहुंचाया जाए और भरोसा दिलाया कि सुझावों पर राज्य सरकारों से चर्चा कर आगे भी सुधार किए जाते रहेंगे, ताकि पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मचारी पूरी क्षमता से काम कर सकें।
केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, विकसित भारत जी राम जी, एक ऐतिहासिक योजना है, जो अब विधेयक से आगे बढ़कर अधिनियम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस योजना को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जरूरी है कि, सच्चाई को समझा जाए और सही जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए। श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, अब तक मनरेगा के तहत 100 दिन रोजगार की गारंटी थी, जिसे विकसित भारत रोजगार योजना के तहत बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ दिनों की बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि रोजगार की गारंटी को और मजबूत बनाया गया है। यदि किसी कारणवश रोजगार नहीं मिलता है, तो बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान पहले की तुलना में कहीं अधिक पुख्ता किया गया है। उन्होंने कहा कि, मजदूरी भुगतान को लेकर भी सख्त प्रावधान किए गए हैं। यदि 15 दिन के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं होता है और राशि लंबित रहती है, तो मजदूर को अतिरिक्त राशि का भुगतान किया जाएगा। अब यह नहीं चलेगा कि मजदूरी महीनों तक अटकी रहे। मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है। मौजूदा मजदूरी दरें जारी रहेंगी और हर साल मजदूरी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने पिछले पांच वर्षों में मजदूरी में करीब 29% की बढ़ोतरी की है और आगे भी एक तय फार्मूले के आधार पर हर साल वृद्धि होती रहेगी।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, इस योजना के तहत चार प्रकार के काम किए जाएंगे। इनमें जल संरक्षण और पानी बचाने से जुड़े कार्य, जैसे तालाब, चेक डैम और अन्य संरचनाएं शामिल होंगी। इसके अलावा स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी, सड़क, नाली और गांव के अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े काम किए जाएंगे। आजीविका मिशन से जुड़ी बहनों और एफपीओ के लिए जरूरी संरचनाएं भी इसमें शामिल होंगी। तीसरे प्रकार के काम आजीविका आधारित होंगे, जो रोजगार को आगे बढ़ाने में सहायक होंगे, जबकि चौथे प्रकार के काम प्राकृतिक आपदाओं से बचाव से जुड़े होंगे, जैसे रिटेनिंग वॉल, ड्रेनेज सिस्टम और नदी-नालों से संबंधित संरचनाएं। श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की सोच है कि विकास के काम जमीन पर दिखें। विकसित ग्राम पंचायत योजना के तहत सभी योजनाएं बैठकर बनाई जाएंगी और गांव के विकास का फैसला गांव ही करेगा।

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