वाराणसी लाइव न्यूज अभी तक। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच जहां पूरी दुनिया ईंधन संकट की आहट से सहमी है, वहीं भारत में एलपीजी सिलेंडर की कथित किल्लत को लेकर सियासत गरमा गई है। वाराणसी में केंद्र सरकार के खिलाफ अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन करना कांग्रेस की छात्र इकाई (NSUI) के कार्यकर्ताओं को महंगा पड़ गया। पुलिस ने व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में करीब आधा दर्जन कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मुख्य द्वार पर NSUI कार्यकर्ताओं ने सरकार को घेरने के लिए एक अजीबोगरीब तरीका अपनाया। कार्यकर्ता सड़क किनारे नाले से गैस निकालने का नाटक कर रहे थे। उन्होंने वहां बाकायदा गैस चूल्हा और सिलेंडर रखा था और पोस्टर-बैनर लेकर प्रधानमंत्री और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई और नोकझोंक
प्रदर्शन के दौरान सड़क पर भारी जाम लग गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। जब पुलिस ने यातायात प्रभावित होने को लेकर सवाल किए, तो कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने मौके से सिलेंडर जप्त कर लिया और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के आरोप में कार्यकर्ताओं पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 285 और 223 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।
एक तरफ जहां विपक्ष गैस की किल्लत को लेकर सरकार पर हमलावर है, वहीं सरकार का कहना है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है और विपक्ष केवल अफवाह फैलाकर जनता को गुमराह कर रहा है।





