

सनातन मत में आद्य गुरु शंकराचार्य के अनुयायियों की एक शाखा द्वारा वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को शंकराचार्य जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष पूज्य संत शिरोमणि भगवान शंकराचार्य का स्मरण करते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित श्री शंकराचार्य प्रतिमा पर पुष्प सज्जा कर भगवान शंकराचार्य की शास्त्रोक्त आराधना संपन्न की गई। पूज्य शंकराचार्य भगवान की मंत्रोच्चार सहित आरती कर त्रिपुण्ड अभिषेक किया गया। न्यास के अधिकारीगण मुख्य कार्यपालक अधिकारी, विशेष कार्याधिकारी, महंत श्री चिंतामणि गणेश, चल्ला सुब्बा राव, प्रबंधक श्रृंगेरी मठ, चल्ला अन्नपूर्णा प्रसाद, कोविलूर मठ के स्वामी तथा अन्य कार्मिकों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति में पूजन संपन्न किया गया।

शास्त्रीगणों की उपस्थिति में भगवान शंकराचार्य जी की प्रतिमा पर शंकराचार्य कृत स्त्रोतों के सस्वर पाठ द्वारा सांध्य अर्चना की गई जिसमे विभिन्न शंकरकृत संस्कृत स्त्रोतों का सस्वर पाठ किया। धाम में संपन्न सायंकालीन कार्यक्रम में भगवान शंकराचार्य कृत शिव मानस स्तुति से प्रारंभ कर क्रमशः वेदसारशिवस्त्रोत्रम, अन्नपूर्णा स्त्रोत्रम, निर्वाणषट्कम, कालभैरवाष्टकम, भवान्याष्टकम का सुंदर सुस्वर पाठ कर क्षमा याचना स्त्रोत्रम से कार्यक्रम का समापन किया गया।

उत्सव के विद्वत आयोजन में श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित सभागार (बोर्ड रूम) में काशी के विद्वतजनों द्वारा आद्य गुरु शंकराचार्य जी की जयंती के उपलक्ष्य में विद्वतगोष्ठी का भी आयोजन संपन्न हुआ I इस विद्वत गोष्ठी में कोविलूर स्वामी, सभा अध्यक्ष के रूप में प्रो० बिहारी लाल शर्मा, कुलपति सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, सभा संयोजक प्रो० राम नारायण द्विवेदी, महामंत्री, काशी विद्वत परिषद्, प्रो० हरिशंकर पांडेय, आचार्य वैदिक दर्शन संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, डॉ कमलेश झा, प्राचार्य संस्कृत महाविद्यालय, सी०वी० सुब्बाराव शास्त्री, महंत, चिंतामडी गणेश ,चल्ला अन्नपूर्णा प्रसाद प्रबंधक, श्रृंगेरी मठ, डॉ अभिषेक कुमार मिश्र, बाबू जगन प्रसाद महाविद्यालय,डॉ आनंद कुमार जैन, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, एस० महेश कुमार, अवधूत दत्तापीठं, आदित्य मिश्र, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, डॉ वरुनेश चन्द्र दीक्षित, काशी धर्मपीठ, वाराणसी, के० वेंकट रमण घनपाठी, प्रख्यात वेदज्ञ एवं पूर्व सदस्य श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, डॉ सप्तगिरीश, प्रमुख नेत्र चिकित्सक शंकर आई हॉस्पिटल, वाराणसी सहित न्यास के अधिकारीगण एवं अन्य श्रोता उपस्थित रहे। इसी कार्यक्रम में चल्ला अन्नपूर्णा प्रसाद जी द्वारा श्रृंगेरी मठ की ओर से भगवान विश्वनाथ की सेवा में रजत बिल्व माला भी भेंट की गई।
*।।श्री काशीविश्वनाथो विजयतेतराम।।*










