कोरौता ग्राम प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर शनिवार को लोहता थाने के सामने हालात उस समय बेकाबू हो गए, जब ग्राम प्रधानों और क्षेत्रीय जनता ने सड़क पर बैठकर चक्का जाम करते हुए जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी को अन्यायपूर्ण और राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने पर बैठे ग्राम प्रधानों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के की गई यह गिरफ्तारी लोकतांत्रिक व्यवस्था और पंचायती राज प्रणाली पर सीधा हमला है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक ग्राम प्रधान को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
चक्का जाम के चलते लोहता थाना क्षेत्र की मुख्य सड़कें पूरी तरह ठप रहीं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, हालांकि घंटों बाद भी प्रदर्शनकारियों का आक्रोश कम नहीं हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन सत्ता के दबाव में चुनिंदा कार्रवाई कर रहा है और जनप्रतिनिधियों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। धरनास्थल पर मौजूद लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गिरफ्तारी वापस लेकर निष्पक्ष जांच की घोषणा नहीं हुई, तो आंदोलन को जिले से प्रदेश स्तर तक विस्तार दिया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, लेकिन लोहता क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।





