जालौन के एक छोटे से गाँव उमरी से ताल्लुक रखने वाले यश प्रताप सिंह ने सीमित संसाधनों के बावजूद ये उपलब्धि हासिल की।
पढ़ाई का समय: दिन में 6–7 घंटे नियमित पढ़ाई
प्रिय विषय: गणित और विज्ञान
लक्ष्य: यश आईएएस अधिकारी बनना चाहते हैं ताकि वह समाज की सेवा कर सकें।

परिवार की प्रतिक्रिया: यश के पिता एक किसान हैं और माँ गृहिणी। बेटे की इस उपलब्धि पर परिवार भावुक हो गया। यश की माँ ने कहा, “हमने तो सोचा भी नहीं था कि हमारा बेटा पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर आएगा।”
महक जायसवाल (12वीं टॉपर)
प्रयागराज की रहने वाली महक एक मेहनती और आत्मविश्वासी छात्रा हैं।
पढ़ाई का समय: दिन में 8 घंटे और परीक्षा के समय 10 घंटे तक
प्रिय विषय: जीव विज्ञान और रसायन
लक्ष्य: महक एक दिन डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं।

परिवार की प्रतिक्रिया: महक के पिता एक छोटी दुकान चलाते हैं। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी ने मेरे सपने पूरे कर दिए। हम चाहते थे कि वह पढ़ाई में आगे बढ़े और आज उसने पूरे प्रदेश में नाम रोशन किया है।”
🏫 बोर्ड की तैयारी में मददगार रहे ये संसाधन:
ऑनलाइन स्टडी मटेरियल: BYJU’S, Diksha ऐप, और YouTube वीडियो से टॉपर्स को काफी मदद मिली।
रिवीजन शेड्यूल: दोनों टॉपर्स ने बताया कि उन्होंने रोज़ाना रिवीजन किया और हर विषय के लिए टाइमटेबल बनाया।
✔️ भविष्य के लिए सलाह
यश और महक दोनों का यही मानना है कि:
नियमितता, ध्यान केंद्रित पढ़ाई और सकारात्मक सोच सफलता की कुंजी है।
मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाना ज़रूरी है।








