वाराणसी लाइव न्यूज अभी तक। वाराणसी के ऐतिहासिक संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती देने के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। उत्तर प्रदेश शासन के आदेश पर विश्वविद्यालय के दो अनुभवी अधीक्षकों, अखिलेश कुमार मिश्र और शिरीष कुमार सिंह को पदोन्नत (Promote) कर ‘सहायक कुलसचिव’ (Assistant Registrar) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शासन के आदेश पर हुई नियुक्ति
यह निर्णय उत्तर प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा लिया गया है। शासन के निर्देशानुसार, दोनों अधिकारियों को उनकी योग्यता और वरिष्ठता के आधार पर यह नया पद दिया गया है। खास बात यह है कि पदोन्नति के बाद शासन ने इन दोनों अधिकारियों की तैनाती भी इसी विश्वविद्यालय में बरकरार रखी है।
विधिवत संभाला कार्यभार
सोमवार, 16 मार्च 2026 को विश्वविद्यालय द्वारा आधिकारिक नोटिस जारी होने के बाद, दोनों अधिकारियों ने दोपहर में अपना नया कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल रहा।
विश्वविद्यालय परिवार ने दी बधाई
इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने दोनों अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा:
“अखिलेश कुमार और शिरीष सिंह के पास लंबा प्रशासनिक अनुभव है। मुझे पूरा विश्वास है कि उनके नए पद संभालने से विश्वविद्यालय के कामकाज में और अधिक तेजी और पारदर्शिता आएगी।”
कुलसचिव राकेश कुमार और वित्त अधिकारी हरीशंकर मिश्र ने भी पदोन्नत अधिकारियों का स्वागत किया। जनसंपर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र के साथ-साथ विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारियों और शिक्षकों ने भी दोनों को फूल-मालाएं पहनाकर और मिठाई खिलाकर अपनी शुभकामनाएं दीं।
क्यों खास है यह पदोन्नति?
सहायक कुलसचिव का पद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण कड़ी होता है। यह पदोन्नति उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 के नियमों के तहत की गई है। नए अधिकारियों की नियुक्ति से छात्रों के काम और विश्वविद्यालय के आंतरिक प्रशासन से जुड़ी फाइलों का निस्तारण अब और भी तेजी से हो सकेगा।





