वाराणसी लाइव न्यूज अभी तक|उत्तर प्रदेश के किसानों को मौसम की सटीक जानकारी और फसल बीमा का लाभ दिलाने में देरी अब निजी कंपनियों को भारी पड़ने वाली है। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को ‘विंड्स’ (WINDS) कार्यक्रम की समीक्षा बैठक के दौरान वेंडर कंपनी ‘स्काईमेट वेदर सर्विसेज’ के प्रति बेहद सख्त रुख अपनाया। कार्य में लापरवाही और सुस्त रफ्तार को देखते हुए मंत्री जी ने कंपनी को अंतिम चेतावनी दी है।
क्यों नाराज हुए मंत्री?
बैठक में सामने आया कि स्काईमेट कंपनी को आवंटित जिलों में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) और रेन गेज (ARG) लगाने का काम काफी पिछड़ा हुआ है। मंत्री जी ने साफ कहा कि अगर समय पर काम पूरा नहीं हुआ, तो सरकार न केवल अनुबंध (Contract) रद्द करेगी, बल्कि कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
क्या है विंड्स (WINDS) योजना और इसका फायदा?
यह योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का एक अहम हिस्सा है। इसका लक्ष्य हर ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर आधुनिक उपकरण लगाना है ताकि:
सटीक डेटा: बारिश और मौसम की सटीक जानकारी मिल सके।
फटाफट मुआवजा: आपदा की स्थिति में फसल के नुकसान का आकलन जल्दी हो और किसानों को बीमा की राशि तुरंत मिल सके।
डिजिटल जुड़ाव: मौसम के आंकड़ों को सीधे भारत सरकार के पोर्टल से जोड़ना।
लक्ष्य और वर्तमान स्थिति
प्रदेश में कुल 826 वेदर स्टेशन और 57,702 रेन गेज लगाए जाने हैं। इसमें से स्काईमेट को 39 जिलों की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन कंपनी की प्रगति संतोषजनक नहीं रही।
“सरकार ने इस योजना के लिए 60 करोड़ रुपये का बजट रखा है और भुगतान में भी कोई कमी नहीं की गई है। इसके बावजूद काम में देरी किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” – सूर्य प्रताप शाही, कृषि मंत्री
मंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत भवनों में इन उपकरणों को लगाने का काम ‘युद्धस्तर’ पर पूरा किया जाए। बैठक में सचिव कृषि इंद्र विक्रम सिंह और निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी सहित विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।





