पूर्वांचल सहित वाराणसी में मौसम का रुख अब तल्खी की ओर हो चला है। न्यूनतम के साथ ही अधिकतम पारा भी सामान्य से अधिक हो चला है। माना जा रहा है कि अब रविवार को मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है तो दूसरी ओर यलो अलर्ट भी है। जबकि सप्ताह के आखिर में बादलों की आवाजाही का भी संकेत मौसम विभाग ने दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में वातावरण में गर्म हवाओं का रुख जारी रह सकता है। न्यूनतम पारा चढ़ने की वजह से आने वाले दिनों में रातें भी गर्म होंगी और मौसम का रुख भी तल्ख होगा।
रविवार की सुबह से ही गर्म हवाओं का झोंका नजर आने लगा। सुबह तो कुछ राहत रही लेकिन दस बजे के बाद सूरज का ताप प्रभावी होने लगा और वातावरण में नमी का असर भी कम होने लगा। गर्म और शुष्क हवाओं का जोर वातावरण में प्रभावी बना रहा और दिन चढ़ने के साथ ही चलने वाली हवाओं का रुख भी लू के थपेड़ों का अहसास कराती रहीं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ऐसा ही रुख बना रहेगा। जबकि दोपहर में गर्म हवाओं के साथ ही साफ आसमान से सूरज का ताप लोगों को झुलसाता रहा। माना जा रहा है कि शाम तक मौसम का रुख यही रहेगा।
बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 43.3°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 26.0°C रहा जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। न्यूनतम पारा 25 डिग्री को पार करने के साथ ही अब माना जा रहा है कि लू के थपेड़ों के साथ ही रात का भी पारा अब चढ़ने लगा है। माना जा रहा है कि यह अब नौ से दस डिग्री तक और भी चढ़ सकता है। आर्द्रता इस दौरान न्यूनतम 17% और अधिकतम 51% दर्ज किया गया। इसके साथ ही माह भर के भीतर पारा चढ़ने के साथ ही नौतपा का ताप भी झेलना पड़ेगा, माह भर के बाद माना जा रहा है कि प्री मानसूनी परिस्थिति सक्रियता के साथ मौसम में उतार चढ़ाव का दौर शुरू हो जाएगा।
आगामी 27 अप्रैल तक लू चलने के आसार
मौसम विभाग के अनुसार गर्मी की तीव्रता में वृद्धि के चलते बांदा में तापमान 47.4°C तक पहुँच गया है, जो अप्रैल महीने का सर्वाधिक तापमान है। निचले क्षोभ मंडल में गर्म पछुआ हवाओं और महाराष्ट्र के आसपास बने प्रतिचक्रवात के प्रभाव से प्रदेश के कई क्षेत्रों में लू की स्थिति उत्पन्न हुई है। यही हालात बलिया, वाराणसी, गाज़ीपुर में भी उष्ण लहर की स्थिति देखी गई है। आगामी दो दिनों में तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है, जिससे 27 अप्रैल तक लू की स्थिति बनी रहेगी। इसके साथ ही, प्रदेश के कुछ हिस्सों में उष्ण रात्रि की भी संभावना है। 27 अप्रैल से एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा का दौर शुरू होने की उम्मीद है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा। इससे तापमान में 3-5°C की गिरावट आने की संभावना है, जिससे 28 अप्रैल से लू की स्थितियों में सुधार हो सकता है। राजधानी लखनऊ में भी 26-27 अप्रैल के दौरान लू की स्थिति बनने की संभावना है। इस प्रकार, प्रदेशवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।







