नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा को संबोधित किया। बजट सत्र के दौरान दिए अपने 20 मिनट के भाषण में पीएम ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार है और सप्लाई चेन को टूटने नहीं दिया जाएगा।
LPG और ईंधन की सप्लाई पर जोर
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी जरूरत का 60% LPG आयात करता है। होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में जारी तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही मुश्किल हुई है, लेकिन सरकार ने घरेलू रसोई गैस (LPG) के उपभोक्ताओं को प्राथमिकता पर रखा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और गैस की किल्लत न हो, इसके लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने और वैकल्पिक रास्तों पर काम जारी है।
झूठ और कालाबाजारी पर सख्त रुख
पीएम मोदी ने उन लोगों को चेतावनी दी जो युद्ध के माहौल का फायदा उठाकर अफवाहें फैला रहे हैं या कालाबाजारी (Black Marketing) कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने राज्य सरकारों को ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।” उन्होंने जनता से अपील की कि वे पैनिक न करें और एकजुट रहें।
भारत की कूटनीति और तैयारी
भारत अब अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए 27 के बजाय 41 देशों से जुड़ा है, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हुई है। पीएम ने बताया कि:
भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व सुरक्षित है।
कोयले का पर्याप्त स्टॉक है, जिससे बिजली सप्लाई में बाधा नहीं आएगी।
भारत ने शांति के लिए पश्चिम एशिया के नेताओं से सीधी बात की है और जहाजों पर हमलों की निंदा की है।
अंत में, पीएम ने भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत होने का भरोसा देते हुए कहा कि जैसे हमने कोविड का सामना एकजुट होकर किया, वैसे ही इस संकट से भी बाहर निकलेंगे।






