बनारस में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने धोये आदिवासी बेटी के पांव, पिता बनकर किया कन्यादानबनारस में अक्षय कन्यादान महोत्सव में शामिल हुए भागवत, बोले-हर साल हों ऐसे आयोजन



वाराणसी: एक तरफ बुधवार को केंद्र सरकार ने जाति जनगणना को अनुमति दे दी तो दूसरी तरफ सामाजिक समरसता के साथ सभी जातियों को साधने के लिए संघ ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक बड़ा आयोजन कर दिया. सबसे बड़ी बात यह है कि इस आयोजन में संघ प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी रही और उन्होंने सोनभद्र की आदिवासी बेटी के पांव पखार उसे आशीर्वाद में 501 रुपए भी दिए.

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार रात हुए अक्षय कन्यादान महोत्सव में कहा कि हमारे सनातन धर्म की यही सुंदरता है कि यहां सामाजिक समरसता और सारे धर्म जातियां एक साथ हैं. विवाह किसी भी कुटुंब को बनाने का काम करता है और कुटुंब समाज को बनाने का, इसलिए इस तरह के आयोजन 1 वर्ष में एक बार होने चाहिए और कन्यादान जैसा महादान करने का सौभाग्य हर किसी को मिलना चाहिए.

बनारस में संघ प्रमुख भागवत.
101 कन्यादान का था संकल्प: दरअसल, वाराणसी के शंकुलधारा पोखरे पर आयोजित इस कार्यक्रम के पीछे की मंशा व्यक्तिगत थी. 2 महीने पहले संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक डॉ. वीरेंद्र जायसवाल ने बेटे के विवाह के बाद उन्होंने 101 कन्याओं के कन्यादान का संकल्प लिया था, जो अक्षय तृतीया पर पूर्ण होना था. इस आयोजन के लिए उन्होंने संघ प्रमुख को आमंत्रित किया था और संघ प्रमुख खुद इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आज पहुंचे थे.

अक्षय कन्यादान महोत्सव

संघ प्रमुख ने आदिवासी जोड़े के विवाह में शामिल होकर कन्यादान की पूरी रस्म को अदा किया. रेणुकूट सोनभद्र की रहने वाली रजवंती का कन्यादान उन्होंने किया. हालांकि जब रजवंती से पूछा गया कि उनका कन्यादान करने वाले कौन थे तो उसका कहना था हमें नहीं पता, लेकिन उन्होंने आशीर्वाद के साथ 501 रुपए दिए. वहीं, रजवंती के दूल्हे यानी अमन कुमार का कहना था कि वह उन्हें नहीं जानते, लेकिन इतना पता है कि वह देश के बड़े आदमी है.

सामूहिक विवाह आयोजन में कन्यादान करते भागवत.

हर साल हों ऐसे आयोजन: इस दौरान मोहन भागवत ने मंच से लोगों को संबोधित करते हुए इस आयोजन की महत्ता पर अपनी बातों को रखा. संघ प्रमुख ने कहा कि कन्यादान जैसा पुण्य काम साल में एक बार जरूर होना चाहिए. रजवंती का कन्यादान करके उन्हें बेहद अच्छा लगा. भागवत का कहना था कि हमारी संस्कृति दुनिया में मार्गदर्शन का केंद्र बिंदु रही है. भारत दुनिया में विश्व गुरु के स्थान पर रहा है, आज फिर लोग भारत की तरफ विश्व गुरु के नजरिये से ही देख रहे हैं. भारत की रीति, नीति, परंपरा, संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहे हैं, अभी कुंभ में हमने यह दृश्य देखा कि हमारी संस्कृति संवेदना की ओर किस तरह से लोग देख रहे हैं. उनका कहना था कि बीते दिनों जिन लोगों की इच्छा अधूरी रह गई, वह अब अगले हर वर्ष भव्य बनाने में ऐसे आयोजनों को सहयोग करें. जिन लोगों ने कन्यादान किया उन्होंने महान काम किया साल में ऐसा आयोजन एक बार होना अनिवार्य है.

कुटुंब निर्माण से ही मजबूत समाज: मोहन भागवत का कहना था कि परिवार की आत्म्यता की परंपरा बनी रहनी चाहिए, परिवार के लोग दिन में एक बार साथ मिलकर भोजन जरूर करें, परिवार के अंदर अपनी मातृभाषा का प्रयोग जरूर होना चाहिए. हमारी वेशभूषा हमारे संस्कारों को प्रदर्शित करने वाली होनी चाहिए. उनका कहना था कि कुटुंब से समाज का निर्माण होता है. कुटुंब बनाने के लिए एक बेटी अपने परिवार को छोड़कर दूसरे कुटुंब में आती है और अपने संस्कारों से उसको सींचती है, कुटुंब के निर्माण के जरिए ही हम एक मजबूत समाज की रूपरेखा को तैयार कर सकते हैं.

एकजुटता का संदेश: यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि इस आयोजन में 101 की जगह 125 कन्याओं के कन्यादान की रस्म को पूरा किया गया. बाकायदा बारात निकली नाचते-गाते दूल्हे के परिवार के लोगों ने जमकर शादी का जश्न मनाया और देर रात तक खाने पीने का आयोजन भी चलता रहा. परिवार के लोगों ने शादी का जश्न मनाया, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस आयोजन में दलित, आदिवासी, पिछड़ा और हर वर्ग के लोगों को एकजुटता के साथ जोड़ने का संदेश संघ ने दिया.

सामाजिक समरसता का जीता जागता उदाहरण: संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक डॉ. वीरेंद्र का कहना था कि जाति और धर्म की बात करना उचित नहीं है. वर्ण व्यवस्था तो सिर्फ आर्थिक दृष्टि से बनाई गई थी, लेकिन उसे बाद में राजनीतिक रंग दे दिया गया, लेकिन इस आयोजन में जो भी लोग शामिल हुए, वह सामाजिक समरसता का एक जीता जागता उदाहरण है. यह कहा जा सकता है कि सभी बंधनों को तोड़कर इस आयोजन को पूर्ण किया गया है. इस आयोजन में विदाई में सभी जोड़ों को एक साइकिल, सिलाई मशीन, पायल, बिछिया, दो साड़ी दूल्हे को कपड़ा और हर जरूरत का सामान दिया गया है. आयोजन में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से लेकर नंद गोपाल गुप्ता नंदी समेत बीजेपी और संघ के कई बड़े लोग मौजूद रहे.

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