
पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा यातायात सभागार में व्यापारियों के साथ गोष्ठी की गयी। गोष्ठी के प्रारम्भ में व्यापारियों को साइबर अपराधियों द्वारा साइबर फ्रॉड किये जाने के विभिन्न प्रचलित विधाओं के संदर्भ में शार्ट वीडियो फिल्म के माध्यम से जागरूक करते हुए, साइबर फ्रॉड से बचने व प्रभावित होने पर किये जाने वाले त्वरित कार्यावाही व हेल्पलाइन नम्बरों की जानकारी दी गयी। पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा गोष्ठी के दौरान सीसीटीवी कैमरों से होने वाले लाभ की जानकारी देते हुए प्रतिष्ठानों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे स्थापित किये जाने व फुटपाथ व सड़क पर सामान, विज्ञापन होर्डिंग्स, गाड़ियों की अवैध पार्किंग कर अतिक्रमण न करने व अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की गयी। उक्त गोष्ठी में व्यापारियों व विभिन्न व्यापार संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय एस० चनप्पा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध राजेश कुमार सिंह, पुलिस उपायुक्त यातायात अनिल यादव, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन नीतू, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध श्रुति श्रीवास्तव सहित अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।


> व्यापारियों को वीडियो फिल्म के माध्यम से डिजिटल-अरेस्ट, फिशिंग कॉल, आनलाइन-आर्डर, जॉब ऑफर, निवेश व लॉटरी में अवास्तविक लाभ जैसे साइबर फ्रॉड की प्रचलित विधाओं की जानकारी देकर जागरूक किया गया।
> डिजिटल लेनदेन के लिए सुरक्षित प्लेटफार्म का ही उपयोग करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। साइबर अपराध की स्थित में तत्काल हेल्पलाइन नम्बर 1930 अथवा नजदीकी थाने पर शिकायत दर्ज करायें।

> व्यापारीगण व्यापार मण्डल की बैठकों में भी साइबर अपराध के प्रचलित विधाओं की जानकारी प्रदान कर, अधिक-से-अधिक लोगों को करें जागरूक ।
> प्रतिष्ठानों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से स्थापित करें, उन्हें सक्रिय रूप में रखें। कैमरे का कवरेज सड़क, प्रतिष्ठान के प्रवेश द्वार व आसपास के क्षेत्र को समाहित करे।

> प्रतिष्ठान के बाहर फूटपाथ व सड़क पर सामान, विज्ञापन होर्डिंग्स व अन्य अनाधिकृत संरचनायें रखकर अतिक्रमण न करें जिससे सार्वजनिक आवागमन प्रभावित हो।
> व्यापारियों को स्वंय, अपने कर्मचारियों व ग्राहकों को सड़क पर अवैध पार्किंग न कर, निर्दिष्ट पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने के लिये प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया।
> स्वर्ण व्यवसायी संदिग्ध व्यक्तियों से सोने चांदी की खरीद न करें, खरीद के पूर्व दस्तावेज व वैद्यता की गहन जांच करें। यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध प्रतीत हो तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।
> प्रतिष्ठान में कर्मचारियों को नियुक्त करने से पहले उनकी पृष्ठभूमि की जांच व कर्मचारियों के पहचान-पत्र और स्थानीय पते का सत्यापन अनिवार्य रूप से करें।

> आगजनी व अन्य आपदाओं से निपटने हेतु अपने प्रतिष्ठान में अग्निशमन यंत्र आदि सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से रखने की सलाह दी गयी।
> थाना स्तर पर व्यापारियों के साथ प्रत्येक माह बैठक कर संवाद स्थापित किये जाने व उनकी स्थानीय समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित को दिये गये निर्देश।









