आजमगढ़: जनपद के मेंहनाजपुर थाना क्षेत्र में गौ-तस्करों के बढ़ते हौसलों ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। झिंझपुर सरैया गांव के पास बीती रात तस्करों ने चार गायों की निर्मम हत्या कर दी। सुबह जब ग्रामीण खेत की ओर गए, तो वहां गौवंश के अवशेष देखकर उनके होश उड़ गए। इस घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया है और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार सुबह जब वे गांव के बाहर सिवान (खेतों) की तरफ निकले, तो वहां प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष बिखरे पड़े थे। घटना की जानकारी जंगल में आग की तरह फैली और देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि तस्करों ने एक नहीं बल्कि चार गायों को निशाना बनाया है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
सूचना मिलने पर मेंहनाजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अवशेषों को गड्ढा खुदवाकर दफन कराया। हालांकि, ग्रामीणों ने पुलिस पर मामले को हल्का करने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि पुलिस केवल एक गाय की हत्या की बात कह रही है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद लोगों के मोबाइल से फोटो और वीडियो जबरन डिलीट कराए गए, ताकि मामला बड़ा न दिखे।
अधिकारियों का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (CO) लालगंज, भूपेश पाण्डेय ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अवशेषों की सैंपलिंग कराई जा रही है और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गौ-तस्करी की घटनाएं रुक नहीं रही हैं, जिससे उनमें असुरक्षा की भावना है। फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।





