वाराणसी। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में बिजली की दरों और आगामी वित्तीय वर्ष के बजट को लेकर सोमवार, 23 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। वाराणसी के आयुक्त सभागार में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बिजली बिल की नई दरों (टैरिफ) के निर्धारण से पहले आम जनता और व्यापारियों की राय जानना था।
बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में मंथन
इस जनसुनवाई की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री अरविंद कुमार और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक (MD) शंभू कुमार ने की। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ उपभोक्ता परिषद और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
MD ने पेश किया लेखा-जोखा
प्रबंध निदेशक शंभू कुमार ने पूर्वांचल डिस्कॉम के तकनीकी और कमर्शियल आंकड़ों का ब्योरा पेश किया। उन्होंने बताया कि विभाग उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए क्या प्रयास कर रहा है। इसके साथ ही आगामी वर्ष के लिए प्रस्तावित राजस्व और खर्चों (टैरिफ याचिका) पर विस्तार से चर्चा की गई।
इन लोगों ने रखी अपनी बात
जनसुनवाई में वाराणसी सहित पूर्वांचल के 21 जिलों से आए विभिन्न वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया:
औद्योगिक संगठन: छोटे और बड़े उद्योगों के प्रतिनिधियों ने बिजली की कीमतों पर अपने सुझाव दिए।
आरडब्ल्यूए (RWA): रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने घरेलू उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
उपभोक्ता परिषद: बिजली से जुड़ी शिकायतों और बिलिंग की विसंगतियों पर अपनी बात रखी।
अध्यक्ष ने जताया आभार
नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने सक्रिय भागीदारी के लिए सभी उपभोक्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि टैरिफ निर्धारण के समय जनता के सुझावों और उनकी समस्याओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से बिजली विभाग और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश की गई ताकि भविष्य की नीतियां पारदर्शी और जनहित में हों।






