वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में बुनियादी ढांचे के विस्तार और ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भटनी-औंड़िहार रेलखंड के दोहरीकरण प्रोजेक्ट के तहत पिवकोल-सलेमपुर-लार रोड (14.51 किमी) के बीच बिजलीकरण (Electrification) का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
सोमवार, 23 मार्च 2026 को पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर (PCEE) श्री संजय सिंघल ने इस नए विद्युतीकृत रेल खंड का गहन संरक्षा निरीक्षण किया। इस दौरान रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) और वाराणसी मंडल के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।
बारीकी से परखी गई सुरक्षा
निरीक्षण के दौरान श्री संजय सिंघल ने न केवल ट्रैक बल्कि बिजली की ओवरहेड लाइनों (OHE) की ऊंचाई और फिटिंग्स की भी जांच की। उन्होंने मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान दिया:
ब्रिज और क्रॉसिंग: पुलों पर लगे संकेतक बोर्ड और लोड क्षमता की जांच की गई।
स्टेशन यार्ड: सलेमपुर और लार रोड यार्ड में सिग्नल प्रणाली और ट्रैक की स्थिति को परखा गया।
टावर वैगन से परीक्षण: अधिकारियों ने टावर वैगन पर सवार होकर बिजली की लाइनों की ऊंचाई, खिंचाव और उपकरणों की फिटिंग को स्टैंडर्ड मानकों के अनुसार चेक किया।
फाटक सुरक्षा: रेलवे फाटकों पर तैनात गेटमैन से सुरक्षा उपकरणों के बारे में पूछताछ की गई और बिजलीकरण के बाद वहां किए गए बदलावों का जायजा लिया गया।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
बिजलीकरण का काम पूरा होने से अब इस मार्ग पर डीजल इंजनों की जगह इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनें चल सकेंगी। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और यात्रा के समय में भी बचत होगी। निरीक्षण के दौरान सभी कार्य मानकों के अनुरूप पाए गए, जो इस रूट पर जल्द ट्रेन परिचालन शुरू होने का संकेत है।






