वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में यात्रियों की सुविधाओं और ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। भटनी-औंड़िहार रेलखंड के अंतर्गत पिवकोल-सलेमपुर-लार रोड के बीच लगभग 14.51 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग का दोहरीकरण (Double Line) और बिजलीकरण (Electrification) का काम पूरा हो गया है।
अब इस नए ट्रैक पर ट्रेनों के परिचालन की अनुमति देने से पहले सुरक्षा की बारीकी से जांच की जाएगी। उत्तर पूर्व सर्किल के रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) श्री प्रणजीव सक्सेना 25 मार्च, 2026 को इस पूरे रेल खंड का अंतिम निरीक्षण करेंगे।
क्या होगा खास?
निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त ट्रैक की मजबूती, सिग्नल सिस्टम और बिजली की लाइनों की जांच करेंगे। सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ‘स्पीड ट्रायल’ होगा, जिसमें एक स्पेशल ट्रेन को इस नए ट्रैक पर उसकी अधिकतम संभावित गति से दौड़ाकर देखा जाएगा कि ट्रैक तेज रफ्तार ट्रेनों के लिए कितना सुरक्षित है।
इस अवसर पर वाराणसी मंडल के रेल प्रबंधक (DRM), गोरखपुर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
आम जनता के लिए जरूरी चेतावनी
रेलवे प्रशासन ने पिवकोल, सलेमपुर और लार रोड के आस-पास रहने वाले ग्रामीणों और आम लोगों के लिए एक विशेष अपील जारी की है। 25 मार्च को होने वाले इस हाई-स्पीड ट्रायल के दौरान:
रेलवे ट्रैक के पास न जाएं और न ही बच्चों को जाने दें।
अपने पशुओं (गाय, भैंस आदि) को ट्रैक से दूर रखें।
ट्रैक पार करने के लिए अधिकृत रास्तों का ही उपयोग करें।
यह दोहरीकरण कार्य पूरा होने से इस रूट पर ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी और यात्रियों का सफर और भी सुगम व तेज हो जाएगा।






