वाराणसी लाइव न्यूज अभी तक। विश्व जल दिवस के अवसर पर रोटरी क्लब वाराणसी सेंट्रल द्वारा होटल हिंदुस्तान इंटरनेशनल, मलदहिया में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि जल स्रोतों में बढ़ते हेवी मेटल, आर्सेनिक और फ्लोराइड के कारण आज दुनिया की एक-तिहाई आबादी पीने के पानी के संकट से जूझ रही है।

कैसा पानी पिएं? प्रोफेसर पी.के. मिश्रा की सलाह
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, प्रख्यात वैज्ञानिक प्रोफेसर प्रदीप कुमार मिश्रा (पूर्व कुलपति) ने कहा कि आज हमारे पास उपलब्ध पानी या तो बैक्टीरिया से प्रदूषित है या रसायनों से भरा है। उन्होंने जनसामान्य को कुछ सरल सुझाव दिए:
नगर निगम का पानी: इसे हमेशा उबालकर पिएं ताकि बैक्टीरिया खत्म हो जाएं। पानी में पुदीना, नींबू या खीरा डालकर उसे ‘इंफ्यूज्ड वाटर’ बनाना सेहत के लिए और भी बेहतर है।
शुद्ध पानी की पहचान: बाजार में मिलने वाले ज्यादातर ‘मिनरल वाटर’ असल में RO वाटर हैं। सेहत के लिए प्राकृतिक स्रोतों वाला ‘स्प्रिंग वाटर’ सबसे अच्छा माना जाता है।
हाइड्रेशन का मंत्र: सुबह उठते ही सामान्य तापमान का पानी पिएं। प्यास लगने से पहले ही थोड़ा-थोड़ा पानी पीना मेटाबॉलिज्म के लिए अच्छा है। आपके मूत्र का रंग (हल्का पीला) आपके बेहतर स्वास्थ्य और सही हाइड्रेशन का सूचक है।
जल ही जीवन का आधार
क्लब के अध्यक्ष राजेश भटिया ने कहा कि हमारा शरीर पांच तत्वों से बना है, जिनमें जल सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने भूजल के अत्यधिक दोहन और नदियों के प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) ही आने वाली पीढ़ी को बचाने का एकमात्र रास्ता है।
इस अवसर पर सभी रोटेरियंस ने जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने और लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में डॉ. अक्षत अग्रवाल, जगदीश झुनझुनवाला, विवेक अग्रवाल सहित शहर के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।




