प्रयागराज लाइव न्यूज अभी तक। आगामी महाकुंभ की तैयारियों के बीच संगम नगरी के रेलवे बुनियादी ढांचे को लेकर सियासत गरमा गई है। संसद में प्रयागराज (इलाहाबाद) लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीच शहर की रेल सुविधाओं को लेकर जोरदार चर्चा हुई। जहाँ सांसद ने नई ट्रेनों और स्टेशनों के नाम बदलने की मांग रखी, वहीं रेल मंत्री ने शहर के विकास में हुई देरी को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधा।
सूबेदारगंज का नाम बदलेगा?
सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने संसद में प्रयागराज की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे:
स्टेशन का नाम: उन्होंने सूबेदारगंज स्टेशन का नाम बदलकर ‘प्रयागराज कैंट’ करने की मांग की। उनका तर्क है कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को सूबेदारगंज नाम से भ्रम होता है।
ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी: * प्रयागराज-मुंबई दुरंतो को हफ्ते में 2 दिन के बजाय रोजाना चलाने की मांग।
प्रयागराज-अहमदाबाद सुपरफास्ट को सप्ताह में 1 दिन के बजाय 3 दिन करने का प्रस्ताव।
हरिद्वार एक्सप्रेस को रोजाना चलाने और उसमें एसी कोच बढ़ाने की बात कही।
नई सेवाएं: लखनऊ के लिए एक नई वंदे भारत ट्रेन और प्रयागराज से पुणे होते हुए बेंगलुरु के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने का आग्रह किया।
रेल मंत्री का पलटवार: “कई पीएम दिए, पर स्टेशन का विकास अब क्यों?”
सांसद की मांगों के बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रयागराज ने देश को कई प्रधानमंत्री दिए, लेकिन दशकों तक यहाँ के स्टेशनों की हालत क्यों नहीं सुधरी?
“मैं पूछना चाहता हूँ कि इतने प्रधानमंत्री देने वाले शहर के स्टेशन का नवनिर्माण पहले क्यों नहीं हुआ? हमारी सरकार प्रयागराज जंक्शन को केवल रंग-रोगन नहीं, बल्कि एक विश्वस्तरीय सिटी सेंटर के रूप में विकसित कर रही है।”
मंत्री ने आश्वासन दिया कि महाकुंभ को देखते हुए रेलवे ‘मिशन मोड’ में काम कर रहा है। स्टेशनों पर विशाल रूफ प्लाजा और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिले।







