मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
उत्तर भारत में शीतलहर से बचाव के लिए सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य कर रही है। अधिकारियों को मानवीय और अति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया गया है। समस्त प्रदेश में, रैन बसेरों को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जा रहा है। रैन बसेरों में रजाई, कंबल, पेयजल, अलाव और हीटर की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। दूसरे स्थानों से आए परीक्षार्थियों व रोगियों के परिजनों को भी यहां आसरा मिल रहा है। सरकार के लिए हर व्यक्ति का जीवन अमूल्य है।
नगरीय निकायों एवं तहसीलों के माध्यम से जरूरतमंदों को ऊनी वस्त्र व कंबल वितरित किए जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। कंपकंपाती ठंड में एक भी अभावग्रस्त व्यक्ति असहाय नहीं रहेगा। गोशालाओं में विशेष कंबल और अलाव का प्रबंध किया जा रहा है। इसके अलावा कोहरे में सुरक्षित यात्रा के लिए मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। जागरुकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
एक नागरिक के नाते आप भी इस सप्रयास में भागीदार बन सकते हैं। अपने आसपास देखिए। घरों में कार्य करने वाले सहयोगी, स्वच्छाग्रही, चौकीदार या अन्य लोगों से एक बार अवश्य पूछें कि क्या उनके पास शीतलहर से बचाव का पर्याप्त प्रबंध है। उन्हें एक कप चाय के लिए पूछिए। असहायों को सरकार द्वारा संचालित रैन बसेरों तक पहुंचाइए। मानवीय मूल्यों और
संवेदना की परख ऐसे समय में ही होती है। परोपकार हमारी परंपरा है। अंत्योदय से सर्वोदय के दृढ़ संकल्प के साथ हम विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की ओर तीव्र गति से अग्रसर हैं।
आपका
योगी आदित्यनाथ







