
पूर्व चेयरमैन व वर्तमान सदस्य अरूण कुमार त्रिपाठी ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।तथा इस तरह के कृत्य हताश मानसिकता वालो की साजिश बताया। अपने एक सम्बोधन में मा.त्रिपाठी जी ने कहा कि अधिवक्ताओं को गुमराह कर बार कौंसिल को बदनाम करने की साजिश कत्तई बरदाश्त नहीं की जाएगी।ऐसे कार्य कुंठित मानसिकता के द्योतक है।

झुठे वादे, झूठे सब्जबाग दिखाने वाले अधिवक्ताओं के हितैषी हो ही नहीं सकते।वास्तविक यही है कि अधिवक्ताओं के सम्मान व हित के सबसे बड़े पगबाधा यहीं लोग है, जो सहानुभूति बटोरने के लिए किसी हद तक जा सकते है। ज्ञात हो कि कुछ तथाकथित लोगो द्वारा सोशल मिडिया पर एक झुठी खबर परोसी जा रही थी कि बीसीआई ने अधिवक्ताओं की नवीनीकरण शुल्क बढाकर 14 हजार के लगभग कर दी है।

इससे अधिवक्ताओं के एक वर्ग मे खासी नाराजगी और रोष ब्याप्त हो गया था।जिसे बार कौसिल आफ उ प्र ने पत्र जारी कर इन तरह की खबरो को आधारहीन बताया।तथा कहा कि पुराने अधिवक्ताओं पर कोई शुल्क बढोत्तरी नहीं की गयी है।







