क्राइम ब्रांच ऑफिसर बनकर युवती से किया 28 हजार का फ्रॉड: बोला- यूट्यूब से वीडियो हुआ है वायरल, सीएम ऑफिस से आईडी डिलीट करवाने के देने होंगे पैसे



वाराणसी में साइबर जालसाजों ने युवती से 28 हजार रुपए का साइबर फ्राड कर लिया। खुद को लखनऊ क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर 46 मिनट बात की और कहा कि यूट्यूब से एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ उसमे तुम्हारी आईडी भी है। उसे डिलीट करवाने के लिए पैसे जमा करने होंगे। युवती ने दो बार में 28,700 रुपए जमा कराए। और पैसे मांगे तो उसे शक हुआ। उसने यूपी पुलिस में तैनात अपने जीजा को फोन किया तब जाकर साइबर फ्राड का अंदाजा हुआ।


फिलहाल युवती ने साइबर क्राइम थाने पर पहुंचकर शिकायत की तो उसे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाने को कहा गया। ऑनलाइन एप्लिकेशन दर्ज कर ली गई है।

लखनऊ क्राइम ब्रांच ऑफिसर बनकर किया फोन वाराणसी के अर्दली बाजार के रहने वाले श्रीवास्तव परिवार की एमबीए कर मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब कर रही बेटी वैष्णवी से साइबर जालसाजों ने 28 हजार 700 रुपए ऐंठ लिए। वैष्णवी ने बताया- शुक्रवार की दोपहर 1 बजकर 11 मिनट पर उसके मोबाइल नंबर पर फोन आया। उधर से बोल रहे व्यक्ति ने अपना परिचय क्राइम ब्रांच लखनऊ ऑफिसर के रूप में दिया और कहा कि आप की यूट्यूब आईडी से आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ है।सीएम ऑफिस से डिलीट करवानी होगी आईडी

वैष्णवी ने कहा- इसके बाद उक्त ऑफिसर ने अपने सीनियर ऑफिसर से फोन पर बात करवाई। उसने अपना नाम सुरेश कुमार बताया- बोला आप लोग पढ़े लिखे हैं फिर भी गलती करते हैं। आप की आईडी सभी के संज्ञान में है। युवती ने बताया जब मैंने कहा कि मैंने ऐसा कुछ नहीं किया तो बोला की किसी दूसरे ने किया होगा। जब मैंने कहा कि मेरा मोबाइल लॉक रहता है। इसपर बोला की आप की आईडी अब सीएम ऑफिस तक पहुंच चुकी है। वहां से डिलीट करवानी होगी।
22700 रुपए की डिमांड किया


युवती ने बताया- सीएम ऑफिस का नाम सुनकर मै घबरा गयी। जिसपर उसने कहा कि घबराइए मत आप की आईडी डिलीट हो जाएगी पर उसके लिए आप को 22 हजार 700 रुपए देने होंगे। जिसमें 700 रुपए रिफंडेबल होगा। इसपर मैंने तुरंत 22 हजार 700 रुपए ट्रांसफर कर दिए। उसने कहा कि आईडी डिलीट नहीं हो पाई और उसे सभी जिलों में डिस्ट्रीब्यूट कर दिया गया है।6000 रुपए और लिए

सुरेश ने कहा अब सभी जिलों से इसे डिलीट करवाना होगा। इसके लिए प्रत्यके जिले के लिए 500 रुपए देने होंगे। मैंने इसके लिए पहले 6 हजार रुपए दिए और कहा कि अब पैसे नहीं हैं। इसपर उसने पूछा की अकाउंट में कितना पैसा बचा है। इसपर शक हुआ। जिसपर मैंने अपने जीजा जो की वाराणसी पुलिस में दरोगा हैं उनको फोन किया कि फ्राड हुआ है। जिसके बाद साइबर क्राइम थाने पहुंची। जहां से ऑनलाइन फिर करने को कहा गया।

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