प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (गुरुवार) लखनऊ में बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करेंगे। योगी सरकार ने प्रेरणा स्थल को जनसंघ के संस्थापक और संस्थापक सदस्य रहे 3 बड़े ब्राह्मण नेताओं को समर्पित किया है।

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  • December 25, 2025
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यह प्रेरणा स्थल आने वाले कई सालों तक यूपी में ब्राह्मण वोटबैंक को साधने में मदद करेगा। बसपा के अंबेडकर और राष्ट्र प्रेरणा स्थल 3 ब्राह्मण नेताओं को समर्पितः यूपी में अखिलेश-मायावती की राह पर BJP, दशकों तक ब्राह्मणों को साधेगा यह प्रेरणा स्थल आने वाले कई सालों तक यूपी में ब्राह्मण वोटबैंक को साधने में मदद करेगा। बसपा के अंबेडकर और कांशीराम पार्क, सपा के लोहिया और जनेश्वर मिश्र पार्क के बाद भाजपा ने भी प्रेरणा स्थल के रूप में बड़ी लकीर खींची है।
3 बड़े ब्राह्मण नेताओं को समर्पित
राष्ट्र प्रेरणा स्थल में जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, संस्थापक सदस्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाई गई हैं। तीनों देश की राजनीति के बड़े ब्राह्मण चेहरे रहे हैं।
सपा ने जनेश्वर मिश्र पार्क बनाया
सपा की मुलायम सिंह सरकार में गोमती नगर में 76 एकड़ में डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क और अखिलेश यादव सरकार में 376 एकड़ में जनेश्वर मिश्र पार्क बनाया गया। दोनों पार्क लखनऊ शहर के बीचोंबीच स्थित हैं। जनता के लिए भी काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं।
मायावती ने बनवाया था अंबेडकर पार्क
बसपा सरकार में सीएम मायावती ने गोमतीनगर में गोमती नदी के किनारे 108 एकड़ में अंबेडकर पार्क बनाया था। अंबेडकर पार्क शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल भी है। मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम की स्मृति में आशियाना में 86 एकड़ में कांशीराम स्मृति उपवन भी बनवाया था। डॉ. भीमराव अंबेडकर की पत्नी रमाबाई अंबेडकर की स्मृति में भी 50 एकड़ में रमाबाई अंबेडकर पार्क बनवाया था।
जानिए कैसे बना राष्ट्र प्रेरणा स्थल
2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद से ही यूपी में अपने बड़े नेताओं को समर्पित एक स्मारक या पार्क की योजना बनी थी। भाजपा नेतृत्व का मानना था कि लखनऊ में जनसंघ के संस्थापक सदस्यों की स्मृति में एक बड़ा पार्क होना चाहिए। उसी सोच के तहत राष्ट्र प्रेरणा स्थल बनाया यहां से निकली सोच
यूपी के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह बताते हैं- राष्ट्र प्रेरणा स्थल की सोच प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी की है। करीब 6 साल पहले हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में यह विचार किया गया कि लखनऊ अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि रही है। अटलजी का लखनऊ से और लखनऊ के लोगों का अटलजी से गहरा जुड़ाव रहा है।
अटलजी की स्मृति को अमिट बनाने के लिए ऐसा कोई पार्क या स्थल होना चाहिए, जहां उनकी विशाल प्रतिमा लगाई जाए। पहले सिर्फ अटलजी की प्रतिमा लगाने का ही विचार था। लेकिन, बाद में यह फैसला लिया गया कि भाजपा का उदय जनसंघ से हुआ है। जनसंघ के संस्थापक सदस्य डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की भी प्रतिमा वहां लगाई जाए।
इसके बाद संघ, सरकार और भाजपा ने तय किया कि यहां तीनों राष्ट्रवादी नेताओं की विशाल प्रतिमा लगाई जाएगी। इसलिए यह स्थल युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्थल बने। इसके लिए एक संग्रहालय भी बनाया गया है, जहां तीनों महापुरुषों की जीवनी के दर्शन होंगे।
जानिए भाजपा ने क्यों ब्राह्मणों को साधा ब्राह्मणों ने बनवाई थी बसपा की सरकार
बसपा ने 2007 के विधानसभा चुनाव में तिलक-तराजू और तलवार, इनको मारो जूते चार का नारा छोड़कर बहुजन हिताय-सर्वजन सुखाय का नारा दिया। सतीश मिश्रा और नकुल दुबे जैसे ब्राह्मण चेहरों को आगे कर चुनाव लड़ा। नतीजा यह रहा कि यूपी का ब्राह्मण वोट एकतरफा बसपा के साथ चला गया। इसके बाद बसपा की पहली पूर्ण बहुमत की सरकार बनी।
यूपी में ब्राह्मणों की ताकत
जनसंख्या – 20 फीसदी (करीब 2.5 करोड़)
असर – 90 से ज्यादा विधानसभा और 18 लोकसभा सीटें
विधायक – 51
लोकसभा सांसद- 10
राज्यसभा सांसद- 4
मुख्यमंत्री – 1950 से अब तक 5 ब्राह्मण- गोविंद बल्लभपंत, कमलापति त्रिपाठी, हेमवती नंदन बहुगुणा, नारायण दत्त तिवारी और श्रीपति मिश्र भाजपा के यूपी अध्यक्ष- 1980 से अब तक 6 ब्राह्मण-माधव प्रसाद त्रिपाठी, कलराज मिश्र, केसरीनाथ त्रिपाठी, डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, लक्ष्मीकांत बाजपेयी और डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय
मुलायम सिंह ने भी ब्राह्मणों को साधा
यूपी में ब्राह्मणों के महत्व को सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने हमेशा ध्यान रखा। जनेश्वर मिश्र को पार्टी का ब्राह्मण चेहरा बनाया। उसके बाद भी माता प्रसाद पांडेय, राजाराम पांडेय, शिवाकांत ओझा, पवन पांडेय, संतोष पांडेय, मनोज पांडेय जैसे ब्राह्मणों को आगे रखा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष में ब्राह्मण समाज के माता प्रसाद पांडेय को बनाया।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आने वाले लोग जनसंघ से भाजपा तक के सफर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के त्याग, तपस्या और बलिदान और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन दर्शन से प्रेरणा लेंगे।

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