
वाराणसी। राजातालाब एक मई मजदूर दिवस के अवसर पर मनरेगा मजदूर यूनियन द्वारा ग्राम पंचायत मरुई में मजदूरों के हक अधिकारों पर बातचीत हेतु सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में संगठन से जुड़े करीब दो दर्जन से अधिक गाँवों के पाँच सौ अधिक मजदूरों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मजदूरों ने अपनी बातों को रखते हुए कहा कि दुनियाँ का सभी निर्माण कार्य मजदूर करते है परन्तु यही मजदूर सड़कों पर सोने को मजबूर है। कपड़ो से लेकर, ईंटो की पथाई, चावल से लेकर ट्रेन की लाइन बिछाने का काम मजदूर करते है परन्तु मजदूरों के हाँथ धीरे धीरे खाली होते जा रहे है क्योंकि इनके लिए काम का अभाव सहित सम्मानजनक मजदूरी नही है।


सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता आराजी लाईन ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि डा. महेन्द्र सिंह पटेल ने कहा कि आज पुरी दुनियाँ में मजदूर दिवस मनाया जा रहा है, जगह जगह मजदूर खुशियाँ मना रहे है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा मिले सरकार को इस बात का ख्याल रखना चाहिए । सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता जागृति राही ने बताया कि मजदूरों के बिना कोई भी विकास कार्य संभव नही है फिर भी मजदूर काम की तलाश में पलायन कर इधर उधर भटकने को मजबूर है।


सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए मनरेगा मजदूर यूनियन के संयोजक सुरेश राठौर ने कहा कि आज मशीनों के अधिकतर उपयोग के कारण मजदूरों को काम मिलना मुश्किल हो गया है। मनरेगा जैसी कानून को लगातार कमजोर किया जा रहा है जिससे मजदूरों को काम की तलाश में एक राज्य से दूसरे राज्य में भटकना पड़ रहा है । संचालन मनरेगा मजदूर यूनियन की रेनू पटेल ने किया, आभार पूजा गोंड ने दिया। कार्यक्रम में अजय प्रधान, अनूप श्रमिक, जागृति राही, प्रभा, राम सिंह वर्मा, प्रीति, सरोजा, कविता, सपना, प्रियंका, नीतू, अनिता, जगमानी, मुश्तफा, मोहन, शीला, अनिल, रोशन, राजकुमार गुप्ता, विमला, निर्मला, सुशीला, केवला, अंजलि, प्रेमा सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।








